83.61% के साथ छठीं रैंक पर जिला, 5% ज्यादा गर्ल्स प्रथम श्रेणी लाईं

राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने 10वीं का रिजल्ट मंगलवार को जारी कर दिया। भीलवाड़ा का रिजल्ट 83.61 प्रतिशत रहने के साथ ही प्रदेश में छठां स्थान प्राप्त किया है। बेटियों का रिजल्ट 12वीं की तरह 10वीं में भी बेटों से अच्छा रहा है। 84.98 प्रतिशत बेटियां पास हुई हैं जबकि छात्र सिर्फ 82.32 प्रतिशत पास हुए हैं। अच्छी बात यह है कि इन चार साल में सबसे बेहतर रिजल्ट इस साल रहा है। पिछले साल जहां 78.97 प्रतिशत रिजल्ट ही था वहीं इस बार 4.64 प्रतिशत की बढ़ोतरी है। वहीं 2017 में तो सिर्फ 76.57 प्रतिशत रिजल्ट ही था।
चार साल से बेटियां दे रही बेटों को मात
वर्ष 2017 हो या वर्ष 2020 ऐसा कोई साल नहीं गया है जब बेटियों के रिजल्ट का बेटों से कम रहा हो। चार सालों में बेटियों ने बेटों से बेहतर रिजल्ट लाकर उन्हें पछाड़ा है।
वर्ष बॉयज रिजल्ट गर्ल्स रिजल्ट
2017 75.68% 77.67%
2018 80.15% 81.79%
2019 77.67% 80.45%
2020 82.32% 84.98%

प्रियंका - दादा-दादी के पास रहकर खेती के साथ करती है पढ़ाई
प्रियंका सुथार की सफलता से एक संदेश जाता है कि मेहनत करने वालों की हार नहीं होती है। चाहे कैसी भी परिस्थिति में रहें। 10वीं में 96.17% लाने वाली मांडल के संतोकपुरा की प्रियंका दादा नंदराम सुथार और दादी केलीबाई के साथ रहती है। उनकी देखभाल के साथ ही खेती करती है और स्कूल में पढ़ती है।

आर्थिक हालात का अंदाजा इस बात से लगा सकते हैं कि स्कूल बस का किराया भी स्कूल प्रशासन ने माफ कर रखा है। मांडल के बाल विद्या मंदिर में पढ़ने वाली प्रियंका के शिक्षक कैलाश कुम्हार ने बताया कि इसके पिता की 5 साल पहले मौत हो चुकी है। पारिवारिक हालात को देखते हुए उसे निशुल्क पढ़ाया जाता है। सफलता का श्रेय टीचर्स को देती हैं। वह आईएएस बनना चाहती है।
बिलाल - पिता फैक्ट्री में काम करते हैं, घर में सुविधाओं का अभाव है
सुभाष नगर विस्तार में बायोस्कोप के पीछे रहने वाले बिलाल खान कायमखानी ने सरकारी स्कूल राजेंद्र मार्ग में पढ़कर और सुविधाओं के अभाव में 10वीं बोर्ड में 96% अंक प्राप्त किए। फैक्ट्री में काम करने वाले पिता लियाकत खान का कहना है कि बिलाल स्कूल से आने के बाद 6 घंटे पढ़ता है।

यहां तक कि जिस दिन स्कूल की छुट्टी होती थी उस दिन घर पर 8 घंटे पढ़ाई करता। उसके दोस्त खेलने के लिए कहते थे फिर भी वह पढ़ाई को ही तवज्जो देता। गृहिणी मां परवीन बानू का कहना है कि गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान में होशियार है। तीनों में 100 में से 99 अंक लगाया है। कॅरिअर को लेकर अभी कुछ निर्धारित नहीं किया है।

जिले का ओवरऑल रिजल्ट
अपीयर 28934
फर्स्ट 7112
सैकंड 12569
थर्ड 4512

83.61
प्रतिशत

छात्रों का परिणाम
शामिल 14852
प्रथम 3296(22.19%)
द्वितीय 6339
तृतीय 2591

82.32%

छात्राओं का परिणाम
शामिल 14082
प्रथम 3816(27.09%)
द्वितीय 6230
तृतीय 1921

84.98%

विश्लेषण: 12वीं के तीनाें संकाय का नतीजा 90% से ऊपर लेकिन 10वी में 83.61%
12वीं के तीनों संकाय और 10वीं बोर्ड की परीक्षा का रिजल्ट जारी हो चुका है। ये चारों परीक्षा अहम होती हैं, जो स्टूडेंट्स का भविष्य का तय करती है। 12वीं के विज्ञान संकाय को छोड़कर वाणिज्य में 11वीं और कला में 10वीं रैंक आई है। 10वीं बोर्ड में रैंक छठवीं आई है लेकिन रिजल्ट 83.61 प्रतिशत ही है जो कि 12वीं के मुकाबले कम से कम साढ़े आठ फीसदी पीछे है।

कक्षा प्रतिशत प्रदेश में रैंक
12वीं विज्ञान 93.73% 6ठीं
12वीं वाणिज्य 94.28% 11वीं
12वीं कला 92.28% 10वीं
10वीं बोर्ड 83.61% 6ठीं



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District at sixth rank with 83.61%, 5% more girls brought first class


source https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/bhilwara/news/district-at-sixth-rank-with-8361-5-more-girls-brought-first-class-127563040.html

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