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कोरोना मरीजों के इलाज की मॉनिटरिंग के लिए कलेक्टर ने बनाई कमेटी

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सरकारी व प्राइवेट हाॅस्पिटलाें में कोविड-19 रोगियों काे उपचार और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए कलेक्टर उज्ज्वल राठौड़ ने जिला स्तरीय समिति का गठन किया है। इस कमेटी में स्थानीय निकाय विभाग की उप निदेशक दीप्ति रामचन्द्र मीणा, मेडिकल कॉलेज के डॉ. सौरभ चित्तौड़ा, जेकेलोन के डॉ. देवेन्द्र गौतम, मेडिकल कॉलेज के डॉ. ज्ञानप्रकाश त्रिपाठी और उपमुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (स्वास्थ्य) डॉ. घनश्याम मीणा शामिल हैं। ये कमेटी जिले के समस्त कोविड निजी चिकित्सालयों का निरीक्षण करेगी। साथ ही उपलब्ध आइसोलेशन बेड की नियमित मॉनिटरिंग करेगी। उपलब्ध बेड्स का विवरण पब्लिक डोमेन में सार्वजनिक करवाएगी। कमेटी चिकित्सा प्रोटोकॉल सहित हैल्प डेस्क की स्थापना एवं निर्धारित दरों पर इलाज की भी माॅनिटिरिंग करेगी। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today source https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/kota/news/collector-formed-committee-to-monitor-treatment-of-corona-patients-127563048.html

मुकंदरा रिजर्व में एमटी-2 के दोनों शावक सीख रहे शिकार के गुर

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प्रदेश के तीसरे टाइगर रिजर्व मुकंदरा हिल्स में 2 साल पहले 3 टाइगर शिफ्ट किए गए। अभी यहां 3 टाइगर और 2 शावक हैं। बाघिन एमटी-2 के दाेनाें शावक पूरी तरह स्वस्थ हैं। इनकी माॅनिटरिंग करने वाली टीम के सदस्याें के अनुसार दाेनाें इतने फुर्तीले हैं कि इनकी फाेटाे खींचना अपने आप में एक चुनाैती है। अब ये दोनों शावक अपनी मां के साथ शिकार के गुर सीखने लगे हैं। ये फोटो रिजर्व के डीसीएफ टी मोहनराज ने उपलब्ध कराया। दाे साल में आबाद हुआ बाघाें का कुनबा मुकंदरा में सबसे पहले 3 अप्रैल 2018 काे रामगढ़ विषधारी सेंचुरी से एमटी-1 बाघ काे शिफ्ट किया गया। 18 दिसंबर 2018 काे रणथंभाैर से एमटी-2 बाघिन और इसके बाद रणथंभाैर टाइगर रिजर्व से एमटी-3 बाघ 9 फरवरी 2019 काे खुद चलकर मुकंदरा आया था। इसके बाद 12 अप्रैल 2019 काे एमटी-4 बाघिन काे रणथंभाैर से यहां एमटी-3 के साथ रिलीज किया था। यहां 2 साल में 5 बाघ हाे चुके हैं। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Both MT-2 cubs are learning hunting tricks in Mukandara Reserve source https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/kota/news/both-mt...

26 नए कोरोना मरीज आए, एमबीएस के रेजीडेंट व 3 बंदियों समेत 2 दुकानदार भी पॉजिटिव मिले

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कोटा में मंगलवार को भी 26 नए कोरोना संक्रमित मरीज आए। अब कुल मरीजों की संख्या 1422 पहुंच गई है। मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. विजय सरदाना ने बताया कि सुबह की शिफ्ट में 17 और शाम की शिफ्ट में 9 नए पॉजिटिव मरीज पाए गए। इनमें इंदिरा गांधी नगर, खेड़ली फाटक, आरकेपुरम, पूनम कॉलोनी, किशोरपुरा, कैथूनीपाेल, पाटनपोल, इंदिरा कॉलोनी, तलवंडी, विवेकानंद नगर, कुन्हाड़ी, सब्जीमंडी सांगोद तथा सेंट्रल जेल से 3 और बंदी पाॅजिटिव मिले हैं। इसके अलावा शाम की रिपोर्ट में महावीर नगर एक्सटेंशन, भाटापाड़ा रामपुरा, पुलिस लाइन, कोटड़ी, आरपीएस कॉलोनी, सुभाष कॉलोनी व एमबीएस हॉस्पिटल के पीजी हॉस्पिटल से पॉजिटिव केस रिपोर्ट हुए हैं। गलत एड्रेस पर बैरीकेड लगा गई पुलिस महावीर नगर एक्सटेंशन में मंगलवार को अजीबोगरीब वाकया हुआ। हुआ यूं कि पूर्व में काेरोना से रिकवर हो चुके मरीज को नया पॉजिटिव मानकर थाने से पुलिस वाले आए और गली की बैरीकेडिंग कर गए। मरीज खुद बाहर गया हुआ था, जब घर व पड़ोस से उनके पास फोन आए तो वे दंग रह गए। क्योंकि उन्होंने तो दोबारा सैंपल ही नहीं दिया था, ऐसे में पॉजिटिव कैसे आ सकते थे। बाद में पता चला कि...

83.61% के साथ छठीं रैंक पर जिला, 5% ज्यादा गर्ल्स प्रथम श्रेणी लाईं

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राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने 10वीं का रिजल्ट मंगलवार को जारी कर दिया। भीलवाड़ा का रिजल्ट 83.61 प्रतिशत रहने के साथ ही प्रदेश में छठां स्थान प्राप्त किया है। बेटियों का रिजल्ट 12वीं की तरह 10वीं में भी बेटों से अच्छा रहा है। 84.98 प्रतिशत बेटियां पास हुई हैं जबकि छात्र सिर्फ 82.32 प्रतिशत पास हुए हैं। अच्छी बात यह है कि इन चार साल में सबसे बेहतर रिजल्ट इस साल रहा है। पिछले साल जहां 78.97 प्रतिशत रिजल्ट ही था वहीं इस बार 4.64 प्रतिशत की बढ़ोतरी है। वहीं 2017 में तो सिर्फ 76.57 प्रतिशत रिजल्ट ही था। चार साल से बेटियां दे रही बेटों को मात वर्ष 2017 हो या वर्ष 2020 ऐसा कोई साल नहीं गया है जब बेटियों के रिजल्ट का बेटों से कम रहा हो। चार सालों में बेटियों ने बेटों से बेहतर रिजल्ट लाकर उन्हें पछाड़ा है। वर्ष बॉयज रिजल्ट गर्ल्स रिजल्ट 2017 75.68% 77.67% 2018 80.15% 81.79% 2019 77.67% 80.45% 2020 82.32% 84.98% प्रियंका - दादा-दादी के पास रहकर खेती के साथ करती है पढ़ाई प्रियंका सुथार की सफलता से एक संदेश जाता है कि मेहनत करने वालों की हार नहीं होती है। चाहे कैसी भी परिस्थिति में रह...

कारगिल युद्ध की शाैर्यगाथा पढ़ेंगे 9वीं के विद्यार्थी, सामाजिक विज्ञान में अध्याय जोड़ा...हिंदी-अंग्रेजी दोनों में माध्यम में होगा

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1999 में हुए भारत और पाकिस्तान के बीच कारगिल युद्ध काे 21 साल पूरे हो गए है। कारगिल विजय दिवस पर कई आयोजन भी हो चुके हैं। जिनमें शहीदों काे श्रद्धांजलि देकर विजय का उत्सव मनाया जाता है। भारतीय सैनिकों के अदम्य साहस से भरे इस युद्ध की दास्तां काे प्रदेश के विद्यार्थियाें की किताबों तक पहुंचने में 21 साल का वक्त लग गया। अब इस युद्ध के बारे में अब प्रदेश के 9वीं कक्षा के विद्यार्थी भी पढ़ेंगे। 2019 में राज्य सरकार की ओर से गठित पाठ्यक्रम समीक्षा समिति ने कारगिल युद्ध की दास्तां और इसमें राजस्थान के जांबाज सैनिकों के साहस से संबंधित चैप्टर काे 9वीं कक्षा की सामाजिक विज्ञान की किताब में जाेड़ा है। विद्यार्थियाें में भारतीय सेना के साहस और सेना के प्रति जुनून भरने के लिए जोड़े गए इस अध्याय काे अंग्रेजी और हिंदी दाेनाें ही माध्यम से शामिल किया है। इसमें कारगिल के अलावा पाकिस्तान से हुए सभी महत्वपूर्ण युद्धों का वर्णन है। मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी राधेश्याम शर्मा ने बताया कि कारगिल युद्ध की वीर गाथा काे स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल किया है। इस साल कक्षा 9 के विद्यार्थी सामाजिक विज्ञान मेंं का...

पहली बार 10वीं का रिजल्ट 80% से ऊपर, सीकर के हंसराज के 99.5% और साक्षी के 99.3% अंक

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राजस्थान माध्य. शिक्षा बोर्ड की 10वीं कक्षा और प्रवेशिका का परिणाम मंगलवार को जारी हुआ। पहली बार रिजल्ट 80% के पार रहा। रिजल्ट 80.63% रहा। शिक्षामंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि छात्राएं आगे रहीं। उनका रिजल्ट 81.41%, जबकि छात्रों का 78.99% रहा है। पिछले साल परिणाम 79.86% रहा था। इस बार 0.78% बच्चे ज्यादा पास हुए। बोर्ड ने परीक्षा के 28 दिन में परिणाम जारी कर दिया। 88.27% के साथ झुंझुनूं पहले, 87.64% के साथ सीकर दूसरे, 87.2% के साथ नागौर तीसरे स्थान पर रहा। जयपुर 81.37% के साथ 13वें स्थान पर रहा। 3 लाख से अधिक फर्स्ट 3,61,880 विद्यार्थी प्रथम श्रेणी उत्तीर्ण हुए हैं। 4,25,587 द्वितीय, 1,41,251 तृतीय श्रेणी से उत्तीर्ण हैं। प्रथम श्रेणी में लड़के ज्यादा कुल 1,87,905 लड़के प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण हुए हैं, 1,73,975 लड़कियां प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हैं। दो साल से बेटियां आगे 10वीं के परिणाम में लड़कों व लड़कियों में कड़ा मुकाबला देखा जा रहा है, पिछले दो साल से बेटियां आगे चल रही हैं। मामूली परसेंटेज के अंतर से एक दूसरे से आगे बढ़ने का रुझान देखने को मिला है। 2015 से 2019 के परिणाम...

लगातार पांचवें साल झुंझुनूं, सीकर व नागौर टॉप तीन में, यहां के छात्रों ने पीछे छोड़ा बड़े शहरों को

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(आरिफ कुरैशी) आरबीएसई दसवीं के परिणाम में लगातार पांचवें साल भी झुंझुनूं, सीकर व नागौर टॉप थ्री में शामिल हुए हैं। बड़े शहरों के छात्रों को यहां के छात्रों ने एक बार फिर से पीछे कर दिया है। इस साल 88.27 प्रतिशत रिजल्ट देकर झुंझुनूं अव्वल रहा। वहीं पिछले साल टॉप पोजिशन पर रहने वाला सीकर इस साल 87.64 प्रतिशत के साथ दूसरे व नागौर 87.20 प्रतिशत के साथ तीसरे स्थान पर रहा है। साल 2016 से ये तीनों जिले ही सबसे अच्छा परफॉर्म कर रहे हैं। साल 2015 में सवाईमाधोपुर व बारां टॉप थ्री लिस्ट में आए थे। उधर, विषयवार रिजल्ट में अभी भी प्रदेश के दसवीं बोर्ड के छात्रों का सबसे मुश्किल विषय गणित है। सामाजिक विज्ञान व हिंदी में छात्र अच्छा स्कोर कर रहे हैं। हालांकि गणित का परिणाम पिछले सालों की तुलना में अच्छा रहा है। इस साल गणित में 85.48 प्रतिशत छात्र पास हुए। 2019 में गणित में 82.29 प्रतिशत छात्र ही पास हो पाए थे। बोर्ड द्वारा 10वीं में हिंदी, अंग्रेजी, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान और गणित की परीक्षाएं मुख्य रूप से आयोजित की जाती हैं। इस साल विज्ञान, गणित, अंग्रेजी व हिंदी के परिणाम % में बढ़ोतरी इस बार ...